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Bankless Academy

Ethereum के टोकन स्टैंडर्ड को समझना

जानें कि Ethereum के एसेट टेम्पलेट पारंपरिक और नई, दोनों तरह की एसेट क्लास को कैसे संभालते हैं।
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मुख्य बातें

  • Ethereum के टोकन स्टैंडर्ड वे तय नियम और फंक्शन हैं, जिनसे Ethereum पर टोकन बनाए जाते हैं।

  • सबसे लोकप्रिय Ethereum टोकन स्टैंडर्ड हैं ERC-20, ERC-721 और ERC-1155

  • हर स्टैंडर्ड फंजिबिलिटी का अलग स्तर देता है, जिससे आम और अनोखी, दोनों तरह की ऑनचेन एसेट बन पाती हैं।

  • टोकन स्टैंडर्ड पूरे Ethereum इकोसिस्टम में टोकन की इंटरऑपरेबिलिटी बनाते हैं, जिससे dApp नए टोकन आसानी से जोड़ लेते हैं और वे आप तक पहुँच जाते हैं!

Ethereum के टोकन स्टैंडर्ड क्या हैं?

Ethereum और उसके Layer 2 नेटवर्क पर लाखों अलग-अलग क्रिप्टो टोकन हैं, हर एक की अपनी खूबियाँ और अपने काम। नेटवर्क अपने dApp इकोसिस्टम में हर टोकन के लिए सहज समर्थन कैसे दे, वह भी बिना डेवलपर के घंटों एक-एक टोकन जोड़े? और इन टोकन का इस्तेमाल करने वाले घंटों दस्तावेज़ पढ़े बिना उनकी बुनियादी खूबियाँ कैसे समझें?

यहीं टोकन स्टैंडर्ड काम आते हैं!

ये टेम्पलेट और नियम पूरे Ethereum इकोसिस्टम में टोकन की इंटरऑपरेबिलिटी बनाते हैं। यानी dApp को हज़ारों अलग टोकन नहीं, बस कुछ आम स्टैंडर्ड संभालने होते हैं। आप जैसे एक्सप्लोरर के लिए इसका मतलब यह है कि किसी टोकन का स्टैंडर्ड देखकर ही Ethereum पर उसकी बुनियादी क्षमताएँ समझ आ जाती हैं।

टोकन स्टैंडर्ड यह तय करते हैं:

  • किसी टोकन का स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट कैसे लिखा जाए।

  • उस तरह के हर टोकन में कौन-से साझा फंक्शन होने चाहिए, ताकि हर dApp उसे संभालना जान सके।

अभी Ethereum पर तीन टोकन स्टैंडर्ड आम तौर पर इस्तेमाल होते हैं:

  1. ERC-20: आसानी से बदले जा सकने वाले (फंजिबल) टोकन का स्टैंडर्ड।

    जैसे USDC और UNI टोकन।

  2. ERC-721: अनोखे (नॉन-फंजिबल) टोकन का स्टैंडर्ड, जिन्हें NFTs कहते हैं।

    जैसे Bored Ape Yacht Club के NFT।

  3. ERC-1155: एक ही कॉन्ट्रैक्ट में फंजिबल और नॉन-फंजिबल, दोनों तरह के टोकन का स्टैंडर्ड।

    जैसे किसी Web3 वीडियो गेम की चीज़ें।

अब शायद यह सवाल उठ रहा हो: “फंजिबिलिटी आख़िर है क्या?”

आइए पारंपरिक अर्थशास्त्र से आया यह विचार देखें, ताकि Ethereum इकोसिस्टम में इसका महत्व समझ आए।

फंजिबिलिटी बनाम नॉन-फंजिबिलिटी

‘फंजिबिलिटी’ किसी आर्थिक एसेट या वस्तु का गुण है, जो दो बातें बताता है:

  • ट्रेड करते समय उसकी इकाइयाँ बिना मूल्य बदले आपस में बदली जा सकती हैं।

    ($1 USD को दूसरे $1 USD से, या चार 25¢ के सिक्कों से, या बीस 5¢ के सिक्कों से बदला जा सकता है।)

  • बाँटने पर छोटे हिस्से भी उसकी बुनियादी खूबियाँ बनाए रखते हैं।

    ($1 USD को चार 25¢ के सिक्कों में बाँट दें, तब भी वह मूल्य का भंडार रहता है और खरीदारी में चलता है।)

फंजिबल एसेट के उदाहरण: तेल, फिएट मुद्रा, सरकारी बॉन्ड और कंपनी के शेयर। ये एसेट अनोखी नहीं होतीं, इसलिए आसानी से बदली और बाँटी जा सकती हैं।

इसके उलट, ‘नॉन-फंजिबिलिटी’ का मतलब है:

  • एसेट की अपनी अनोखी खूबियाँ होती हैं, जो उसे बाकी से अलग करती हैं और उसका अलग मूल्य बनाती हैं।

    (Van Gogh की पेंटिंग की कीमत किसी उभरते आधुनिक कलाकार की पेंटिंग से अलग होती है, क्योंकि दिखावट, दुर्लभता, हुनर और नाम अलग हैं।)

  • बाँटने से उसकी बुनियादी खूबियाँ बदल जाती हैं।

    (चार टुकड़ों में कटी पेंटिंग के हिस्से एक-दूसरे जैसे नहीं रहते, और हर हिस्से का मूल्य अलग हो सकता है। पेंटिंग का मूल भाव भी खत्म हो जाता है।)

नॉन-फंजिबल एसेट के उदाहरण: ज़मीन-जायदाद, कलाकृति, डिजिटल पहचान और प्रमाणपत्र। अनोखी खूबियों की वजह से इन्हें बदलना और बाँटना कठिन होता है।

फंजिबिलिटी को लेकर उलझन हो तो खुद से पूछें: “इसे बदलना और बाँटना कितना आसान है?” कठिन लगे तो वह शायद नॉन-फंजिबल है!

Ethereum का लक्ष्य “दुनिया की अर्थव्यवस्था की सेटलमेंट लेयर” बनना है। फंजिबल और नॉन-फंजिबल, दोनों तरह की एसेट संभालने से पारंपरिक एसेट क्लास ऑनचेन आ सकती हैं, और नई एसेट क्लास बन भी सकती हैं!

स्टैंडर्ड और टोकन फंक्शन

Ethereum पर नया टोकन कॉन्ट्रैक्ट तैनात करते समय बनाने वाला किसी मौजूदा टोकन स्टैंडर्ड को चुनता है। इससे उसे शुरुआती गुण (जिन्हें फंक्शन कहते हैं) मिल जाते हैं: एसेट की कुल आपूर्ति, उसे दूसरे वॉलेट में भेजा जा सकता है या नहीं, और वह कौन-सी जानकारी रख सकता है।

उदाहरण के लिए, ERC-20 में ये फंक्शन होते हैं:

1. totalSupply: ERC-20 टोकन की कुल आपूर्ति तय करता है।

किसी टोकन की कुल आपूर्ति से उसके मूल्य और वितरण जैसी अहम बातें पता चलती हैं।

2. balanceOf: किसी तय पते का टोकन बैलेंस जाँचता है।

इससे सेवाएँ और प्लेटफॉर्म आपका माँगा हुआ लेन-देन पूरा करने से पहले वॉलेट का बैलेंस देख लेते हैं।

3. transfer: आपके पते से दूसरे पतों पर टोकन भेजता है।

जब भी अपने वॉलेट से किसी और वॉलेट में क्रिप्टो टोकन भेजा जाता है, यही फंक्शन चलता है।

4. approve: किसी पते (आम तौर पर स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट) को एक तय रकम तक आपके वॉलेट की ओर से अपने आप लेन-देन करने देता है।

इसी फंक्शन से किसी प्लेटफॉर्म या सेवा को अपने फंड का तय हिस्सा अपने आप इस्तेमाल करने और लेन-देन करने की मंज़ूरी दी जाती है।

5. allowance: बताता है कि कोई खर्च करने वाला किसी वॉलेट से कितनी रकम तक लेन-देन कर सकता है।

प्लेटफॉर्म इससे जाँच लेता है कि आपने कुल कितनी रकम की मंज़ूरी दी है, और क्या वह आपके हाथ से हस्ताक्षर किए बिना लेन-देन कर सकता है।

टोकन बनाने की प्रक्रिया को एक जैसा रखने से Ethereum इकोसिस्टम में कंपोज़ेबिलिटी आती है। जैसे, विकेंद्रीकृत एक्सचेंज (DEX) बना रहा डेवलपर ERC-20 स्टैंडर्ड वाले हर टोकन को जोड़ सकता है, क्योंकि वे सब एक जैसा बर्ताव करते हैं। हर लिस्टेड टोकन के लिए अलग से काम नहीं करना पड़ता।

इसी तरह, NFT मार्केटप्लेस बनाने वाले को बस ERC-721 और ERC-1155 स्टैंडर्ड के मुताबिक प्लेटफॉर्म बनाना है, फिर Ethereum पर बने सारे NFT उस पर चल जाएँगे।

टोकन स्टैंडर्ड, फंजिबिलिटी और फंक्शन समझ आ गए, तो अब Ethereum के तीन मुख्य स्टैंडर्ड के इस्तेमाल देखते हैं।

ERC-20: फंजिबल टोकन

ERC-20 वह टोकन स्टैंडर्ड है, जो फंजिबल टोकन कॉन्ट्रैक्ट बनाने के नियम तय करता है।

ERC-20 टोकन कुछ भी हो सकते हैं: मीमकॉइन से लेकर किसी विकेंद्रीकृत बाज़ार में भुगतान का ज़रिया तक। ज़्यादातर वे इन चार श्रेणियों में आते हैं:

1. यूटिलिटी टोकन: किसी ऐप या प्लेटफॉर्म के भीतर एक खास काम आता है।

उदाहरण: Chainlink (LINK) से उन ऑपरेटरों को भुगतान होता है, जो बाज़ार भाव जैसी असली दुनिया की जानकारी स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट तक पहुँचाते हैं।

2. गवर्नेंस टोकन: धारकों को प्लेटफॉर्म के गवर्नेंस फैसलों में वोट का अधिकार देता है।

उदाहरण: Ethereum Name Service (ENS) रखने वाले डोमेन रजिस्ट्री प्रोटोकॉल बदलने के प्रस्तावों पर वोट दे सकते हैं।

3. स्टेबलकॉइन: इसका मूल्य स्थिर रहने के लिए बना होता है, आम तौर पर एक अमेरिकी डॉलर के बराबर।

उदाहरण: Tether (USDT), USD Coin (USDC), और Sky का USDS जैसे नए नाम।

4. सिक्योरिटी टोकन: किसी असली एसेट में मालिकाना हक दिखाता है, जैसे कंपनी के शेयर।

उदाहरण: टोकनाइज़्ड निवेश फंड, जैसे वे मनी-मार्केट फंड जिन्हें बड़े एसेट मैनेजरों ने 2024 में ऑनचेन जारी करना शुरू किया।

एक ही टोकन एक से ज़्यादा श्रेणी में आ सकता है। जैसे, गवर्नेंस टोकन का प्लेटफॉर्म के भीतर कोई और काम भी हो सकता है।

ERC-20 टोकन किसी DEX पर खरीदना आसान है, जैसे Uniswap पर, या Binance और Coinbase जैसे किसी केंद्रीकृत एक्सचेंज पर।

ERC-721: नॉन-फंजिबल टोकन

ERC-721 वह स्टैंडर्ड है, जो Ethereum पर नॉन-फंजिबल टोकन बनाने और इस्तेमाल करने के नियम तय करता है। इससे हर NFT का अनोखापन साबित किया जा सकता है।

ERC-721 टोकन किन कामों में आते हैं?

1. एसेट का मालिकाना हक: ERC-721 टोकन का सबसे आम इस्तेमाल अनोखी डिजिटल और असली एसेट का मालिकाना हक दिखाना है। जैसे, Explorer’s Handbook की इस प्रविष्टि के 100 अलग-अलग नंबर वाले संस्करण हैं (सिर्फ़ पढ़ने के लिए नहीं, रखने के लिए भी), जैसे डिजिटल अलमारी में रखी कोई किताब। (ऊपर दिए सुनहरे ‘Collect Entry’ बटन से इसे मिंट करके अपना बना लें।) Bankless Academy की ‘Datadisk Collectibles’ भी ऐसे ही चलती हैं।

2. सदस्यता और सब्सक्रिप्शन: क्रिएटर, कलाकार, क्लब और कंपनियाँ पहले से NFT को सब्सक्रिप्शन, इवेंट टिकट और सदस्यता के लिए इस्तेमाल कर रही हैं। NFT का अनोखापन साबित हो सकता है, इसलिए तय आपूर्ति की हर इकाई एक ही व्यक्ति से जुड़ी रहती है।

3. वफ़ादारी के इनाम: Starbucks ने मार्च 2024 तक Odyssey नाम का लॉयल्टी प्रोग्राम चलाया, जिसमें सदस्य क्वेस्ट पूरी करके NFT पाते थे और उन्हें डिजिटल या असली इनाम से बदल सकते थे। कई और ब्रांड भी NFT को इनाम के तौर पर देते हैं, जिन्हें जब चाहे भुनाया या बेचा जा सकता है।

4. पहचान और प्रमाणपत्र: ERC-721 टोकन से ऐसी पहचान और प्रमाणपत्र बनाए जा सकते हैं, जिनसे छेड़छाड़ नहीं हो सकती। डिजिटल पहचान या प्रमाणपत्र ERC-721 टोकन हों, तो मालिकाना हक साबित करना आसान है और दस्तावेज़ों की जालसाज़ी लगभग नामुमकिन।

ERC-721 टोकन पाने के लिए OpenSea जैसे किसी NFT मार्केटप्लेस पर खाता बनाएँ और वहाँ लिस्टेड कोई NFT खरीदें। मार्केटप्लेस की ठगी से बचने के लिए हमारा Web3 सुरक्षा पाठ ज़रूर करें।

ERC-1155: फंजिबल और नॉन-फंजिबल टोकन

अक्सर मल्टी-टोकन स्टैंडर्ड कहा जाने वाला ERC-1155 ERC-20 और ERC-721 के विचारों को जोड़ देता है, ताकि एक ही कॉन्ट्रैक्ट फंजिबल और नॉन-फंजिबल, दोनों तरह के टोकन संभाल सके। इससे उपयोगकर्ता के अनुभव में बड़ा फर्क नहीं पड़ता, पर प्लेटफॉर्म की सुविधाएँ बेहतर बनती हैं। जैसे, एक ही कॉन्ट्रैक्ट में गेम की फंजिबल करेंसी और नॉन-फंजिबल चीज़ें, दोनों तैनात करना।

यह स्टैंडर्ड सेमी-फंजिबल टोकन भी बनने देता है: ऐसे टोकन जो कुछ हालात में फंजिबल हैं और कुछ में नॉन-फंजिबल। जैसे, ट्रेडिंग कार्ड के संग्रह में एक जैसी दुर्लभता वाले सारे कार्ड आपस में बदले जा सकते हैं, पर अलग दुर्लभता वाले कार्ड नहीं।

ERC-1155 से एक साथ कई तरह के टोकन भेजने वाले बैच लेन-देन भी होते हैं, जिससे लोगों का गैस खर्च घट सकता है।


Explorer’s Handbook की इस लंबी प्रविष्टि ‘टोकन स्टैंडर्ड को समझना’ को पूरा करने के लिए बधाई।

सफ़र में काम आने वाली अपनी एक प्रति रखनी हो, या Bankless Academy के आगे के कंटेंट को सहारा देना हो, तो इस प्रविष्टि को कलेक्ट करना न भूलें। यात्रा शुभ हो, एक्सप्लोरर!


Ethereum टोकन स्टैंडर्ड पर आम सवाल

Ethereum टोकन स्टैंडर्ड कैसे बनते हैं?

टोकन स्टैंडर्ड Ethereum Improvement Proposals (EIPs) नाम की प्रस्ताव प्रक्रिया से रखे और प्रकाशित होते हैं। इसमें वोट नहीं होता: प्रस्ताव पर खुली चर्चा होती है, और जब समुदाय की मोटे तौर पर सहमति बन जाती है, तो संपादक उसे Ethereum Request for Comment (ERC) नाम के स्टैंडर्ड के रूप में तय कर देते हैं। फिर EIP का क्रमांक जोड़कर पूरा नाम बनता है, जैसे ERC-20 या ERC-721।

क्या ईथर (ETH) किसी टोकन स्टैंडर्ड पर चलता है?

नहीं। ETH को ‘कॉइन’ कहते हैं, ‘टोकन’ नहीं, यानी इसकी अपनी ब्लॉकचेन है।

क्या कोई भी टोकन जारी कर सकता है?

हाँ। Ethereum अनुमति-रहित इकोसिस्टम है, कोई भी फंजिबल या नॉन-फंजिबल टोकन जारी कर सकता है। बस तकनीकी जानकारी या नो-कोड औज़ार चाहिए होंगे।

दो टोकन का नाम एक ही हो, तो असली टोकन कैसे पहचानें?

असली टोकन पहचानने के लिए उसका कॉन्ट्रैक्ट पता देखें और उसे प्रोजेक्ट के आधिकारिक दस्तावेज़ों से मिलाएँ। इससे किसी खतरनाक टोकन कॉन्ट्रैक्ट से बचाव होता है, जो पूरा वॉलेट खाली कर सकता है।

ERC-20, 721 और 1155 के अलावा भी Ethereum पर टोकन स्टैंडर्ड हैं?

हाँ। कुछ खूब चलते हैं, जैसे ERC-4626, जो वॉल्ट टोकन का साझा स्टैंडर्ड है; ये टोकन DeFi में यील्ड कमाती जमा रकम दिखाते हैं। नए स्टैंडर्ड स्मार्ट अकाउंट भी संभालते हैं, जिससे वॉलेट अपना कोड चला सकता है। ERC-223, ERC-1462 और ERC-1948 जैसे कुछ स्टैंडर्ड या तो चले नहीं, या बहुत सीमित काम आते हैं।


लेखक

Musharraf Unhashed के सह-संस्थापक हैं। वे Web3 प्रोजेक्ट को कंटेंट रणनीति और उसे लागू करने में मदद करते हैं।

Tetranome Bankless Academy में प्रोजेक्ट चैंपियन हैं, जिनका ध्यान उपयोगकर्ता अनुभव, इंटरफ़ेस, डिज़ाइन और कंटेंट पर रहता है।

संपादक

Trewkat BanklessDAO में लेखक और संपादक हैं। उन्हें क्रिप्टो और NFT के बारे में सीखने में दिलचस्पी है, खासकर यह कि यह जानकारी दूसरों तक कैसे बेहतर पहुँचाई जाए।

प्रायोजक

बिना प्रायोजन वाला यह लेख आपकी मुफ़्त Bankless Academy शिक्षा का हिस्सा है। आगे के कंटेंट को सहारा देने के लिए इस लेख को कलेक्ट करें!